Essay On Nari Shakti In Hindi

Posted by saddam husen

» hindi essay

» Tuesday, September 6, 2016

Share this Post on:

TIPS2SECURE

Women Empowerment Essay In Hindi- नारी सशक्तिकरण पर निबंध


प्राचीन काल से ही मानव समाज का रथ महिला और पुरुष रहे है! और पूरा समाज इन दो पहियों पर ही चलता है! अगर इस रथ के दोनों पहियों में से किसी भी पहिये में कोई समस्या आ गया तो ये रथ रुक जायेगा! इसलिए इस रथ को चलने के लिए इन दोनों पहियों को सही तरीके से चलना बहुत ही जरूरी है! हमारे प्राचीन काल में महिला और पुरुष दोनों को एक समान सम्मान दिया जाता था! और बैदिक युग में तो नारियो की पूजा की जाती थी! प्राचीन भारत में नारी का बहुत सम्मान किया जाता था इसी कारण प्राचीन भारत में नारी की शिछा का बहुत ही प्रचार था! इसका अनुमान हम इस बात से लगा सकते है की वेद की रचनाओ का बढ़िया ज्ञान नारियो को ही था! प्राचीन काल की नारिया को वेद पुराणों का बहुत ही बढ़िया ज्ञान रहता था! प्राचीन काल में बहुत सी ऐसी नारिया थी जो की सम्पूर्ण नारी समाज के लिए एक प्रेरणा की तरह थी! उन नारियो में लोपामुद्रा, सिवाता, घोषा, गार्गी , अनुसुइया, सावित्री जैसे और भी बहुत से नाम आते है! उस समय भारती नाम की महिला ने विश्व विजेता शंकराचार्य को भी शास्त्री में पराजित कर दिया था! किसी भी महिला को  विश्व विजेता शंकराचार्य को किसी भी चीज़ में पराजित करना अपने आप में एक बहुत बड़ी बात है! प्राचीन काल में कन्या की पालन पोषण के साथ साथ उसकी शिछा को बहुत ही ध्यानपूर्वक ध्यान रखा जाता था! 


Women Empowerment Essay in Hindi Part-1 ( 400 Word )- 



महिला सशक्तिकरण का मतलब महिला की सक्ति से होता है! आज के समय में हर देश यही चाहता है की उसके देश की महिला खुद अपनी रक्षा कर सके! आज हम सब जानते है ती हमारे समाज की महिलाये किसी भी पुरुष से कम नहीं है! आज की महिलाये वह सब काम कर रहे है जो पुरुष करते है! अगर बात शिक्षा की करे तो हमारे भारत में हर एक exam और comptition में महिलाये ही top करती है! हमारे देश में नारी ka महत्त्व  प्राचीन काल से है! प्राचीन काल में हमारे समाज में नारी का बहुत महत्व था! लेकिन आज भी बहुत से ऐसे लोग है जो नारी को एक बोझ समझते है! अगर हम नारी को एक बोझ ना समझते तो हमारे समाज की नारिया ऐसा ऐसा काम कर सकती है! जिसकी हम कल्पना नहीं कर सकते है! हमारे समाज में महिला सशक्तिकरण के लिए सबसे पहले लोगो की सोच को बदलना होगा! और लोगो को ये बताता होगा की आज की नारिया कोण कोण से काम कर रही है! 

हम सभी को मिलकर महिला सशक्तिकर पर बल देना होगा ताकि महिलाये हमारे देश की अर्थव्यवस्था में पुरुषो के जितना अपना योगदान दे सके! महिला सशक्तिकर के बिना किसी भी परिवार का पूरी तरह से विकाश होना बहुत मुश्किल है! अगर हमारे समाज में  महिलाओं  सशक्त हो जाती है! तो हमारा पूरा का पूरा समाज पूरी तरह से सशक्त हो जायेगा। जिस देश में महिलाये सशक्त है वह देश आप पूरी दुनिया में अपनी छाप छोड़ रहा है! आज हमारा समाज और देश बहुत से चीजों में दुसरे देशो से पीछे है इसका एक मुख्य कारण महिला सशक्तिकरण भी है! अगर किसी परिवार की महिला पूरी तरह से सशक्त है तो उस परिवार में होने वाली किसी भी समस्या को महिला और पुरुष बहुत ही आसनी से हल कर सकते है! ठीक इसी पारकर यदि हमारे देश की सभी महिलये पूरी तरह से सशक्त हो जाये तो इस देश में होने वाली किसी भी प्रकार की कोई भी समस्या को हम लोग मिलकर बहुत ही आसान तरीके से हल कर सकते है! अगर भारत में सभी महिलाये सशक्त हो जाये तो भारत को सबसे बड़ा ये फायदा होगा की भारत की  जनसंख्या इतनी तेजी से नहीं बढ़ेगी! अगर हम बात करे महिलाएँ की तो महिलाएँ  किसी भी प्रकार की  पारिवारिक अथवा सामाजिक समस्या का समाधान पुरुषों की अपेक्षा बहुत अच्छी तरह से हल करती है! 


Women Empowerment Essay in Hindi Part-2 ( 550 Word )- 



महिला सशक्तिकरण का सीधा मतलब ये होता है की हमारे समाज की महिलायों को सक्ति और अधिकार देना होता है!  महिलायों को अधिकार अधिकार देने के लिए हमको अपने समाज में कई तरह के बदलाव लाना पढ़ेगा और महिलायों और पुरुषो दोनों को एक बराबरी का दर्जा देना होगा! जिस दिन हमारे समाज में महिलायों और पुरुषो दोनों को एक बराबरी का दर्जा मिलना शुरु हो जायेगा उस दिन हमारे समाज में एक नए युग की शुरुवात हो जाएगी और वह युग विकाश का युग होगा! आज भारत में कई ऐसे जगह पर जहाँ पर  महिलायों और पुरुषो दोनों को एक बराबरी का दर्जा  मिलता है लेकिन इसके साथ साथ बहुत से ऐसे जगह भी है जहा पर नारी किसी भी प्रकार की कोई छुट नहीं मिलता है! और वहां पर नारी को केवल पति की सेवा और घर की काम करने वाली समझा जाता है! जब तक हम अपने समाज के सभी नारी को पूरी तरह से सशक्त ना कर ले तब तक हमारे इस सुंदर भारत का विकाश होना बहुत मुस्किल है!  देश को पूरी तरह से विकसित बनाने तथा विकास के लक्ष्य को पाने के लिये महिला का पूरी तरह से सशक्त होना बहुत जरुरी है! हमारे देश के राष्टपिता महत्मा गाँधी जी ने कहा है की जब तक हमारे देश की सभी महिला और पुरुष साथ मिलकर काम नहीं करेगे तब तक हमारे देश का पूरी तरह से विकाश नहीं होगा! महत्मा गाँधी जी के द्वारा कहे गए ये वचन आज सच हो रहे है! 

Ye bhi padhe,

Pollution Essay in Hindi - पर्यावरण प्रदूषण पर हिंदी निबंध
Global Warming Essay in Hindi- ग्लोबल वार्मिंग पर हिंदी निबंध
Essay on Environment in Hindi - पर्यावरण पर हिंदी में निबंध 

महिला सशक्तिकरण के लिए ये भी बहुत जरुरी है की हम नारी की पढाई पर भी ध्यान दे! जब तक हम अपने समाज में महिला को शिछा नहीं देंगे तब तक महिला सशक्तिकरण भी नहीं हो सकता है! प्राचीन kaal में महिलाओं का समाज में बहुत प्राथमिकता दी जाती थी! प्राचीन काल में घर की महिलाये ही अपने घर के हर एक बात का फैसला करती थी! इसके साथ साथ जरूरत पड़ने पर प्राचीन काल की महिलाये युद्ध में भी पुरुष की सहायता करने के लिए जाती थी! लेकिन समय के साथ साथ सब कुछ बदलता गया! और धीरे धीरे नारी का स्थान हमारे समाज में गिरता गया! भारत सरकार भी महिला सशक्तिकरण के लिए कई तरह के सरकारी नियम लागु किये है! इसके साथ साथ नारी के पढाई के लिए कई तरह तरह के नए नए योजनाये भी चलाये है! हमारे देश में जब नारी के पढाई पर बल देंगे तो उससे हमारे समाज में नारी का स्थान बढ़ता जायेगा! लेकिन आज भी बहुत से ऐसे गावं है जहाँ पर लोग लडकियों को पढने के लिए नहीं भेजते है और वह पर लोग महिला को पुरुष से नीच समझते है! अगर हमको महिला को सशक्त करना है तो ऐसे जगह को बदलना होगा! और वह के लोगो की सोच को बदलना होगा! जब ऐसे जगह पर रहने वाले लोगो की सोच बदलेगी तभी हमारे देश में महिलायों का स्थान भी ऊचा होगा! और हमारे समाज में जितना नारी न स्थान ऊचा होगा उतना ही नारी सशक्त होगी! आज हमारे देश में महिला सशक्तिकरण बहुत जरुरी है! हमारे देश में महिला सशक्तिकरण के लिए ये जरुरी है की हम सब महिला और पुरुष को एक समान रूप से देखे और अपने समाज में दोनों को बराबरी का दर्जा दे! जिस दिन हमारे समाज में महिला और पुरुष को बराबरी का दर्जा मिलना शुरु हो जायेगा उस दिन से हमारे देश में महिला सशक्त भी हो जाएगी!

मै उम्मीद करता हु की आपको Women Empowerment Essay In Hindi मतलब की पर्यावरण पर हिंदी में निबंध पसंद आया होगा! यदि आपको ये hindi निबंध पसंद आया हो तो इसको अपने दोस्तों के साथ सोशल मीडिया पर शेयर करना ना भूले-

नारी शिक्षा

नारी शिक्षा का महत्त्व

जहाँ तक शिक्षा का प्रश्न है यह तो नारी हो या पुरुष दोनों के लिए समान रूप से महत्त्वपूर्ण है | शिक्षा का कार्य तो व्यक्ति के विवेक को जगाकर उसे सही दिशा प्रदान करना है | शिक्षा सभी का समान रूप से हित –साधन किया करती है | परन्तु फिर भी भारत जैसे विकासशील देश में नारी की शिक्षा का महत्त्व इसलिए अधिक है कि वह देश की भावी पीढ़ी को योग्य बनाने के कार्य में उचित मार्ग – दर्शन कर सकती है | बच्चे सबसे अधिक माताओ के सम्पर्क में रहा करते है | माताओ के संस्कारों, व्यवहारों व शिक्षा का प्रभाव बच्चो के मन – मस्तिष्क पर सबसे अधिक पड़ा करता है | शिक्षित माता ही बच्चो के कोमल व उर्बर मन- मस्तिष्क में उन समस्त संस्कारो के बीज बो सकती है जो आगे चलकर अपने समाज, देश और राष्ट्र के उत्थान के लिए परम आवश्यक हुआ करते है |

नारी का कर्त्तव्य बच्चो के पालन- पोषण करने के अतिरिक्त अपने घर – परिवार की व्यवस्था और संचालन करना भी होता है | एक शिक्षित और विकसित मन – मस्तिष्क वाली नारी अपनी आय, परिस्थिति , घर के प्रत्येक सदस्य की आवश्यकता आदि का ध्यान रखकर उचित व्यवस्था एव संचालन कर सकती है | अशिक्षित पत्नी होने के कर्ण अधिकाश परिवार आज के युग में नरक के समान बनते जा रहे है | अत : विद्वानों का कथन है कि गृहस्थी के कार्य को सुचारू रूप से चलाने के लिए शिक्षा की अत्यन्त आवश्यकता है |

विश्व की प्रगति शिक्षा के बल पर ही चरम सीमा तक पहुँच सकी है | विश्व संघर्ष को जितने के लिए चरित्र-शस्त्र की आवयश्कता पडती है | यदि नारी जाती अशिक्षित हो ,तो वह अपने जीवन को विश्व की गति के अनुकूल बनाने में सदा असमर्थ रही है | यदि वह शिक्षित हो जाए तो उसका पारिवारिक जीवन स्वर्गमय हो सकता है और उसके बाद देश, समाज और राष्ट्र की प्रगति में वह पुरुषो के साथ कन्धे-से – कन्धा मिलाकर चलने में समर्थ हो सकती है | भारतीय समाज में शिक्षित माता गुरु से भी बढ़ कर मानी जाती है , क्योकि वह अपने पुत्र को महान से महान बना सकती है |

आज स्वय नारी समाज के सामने घर – परिवार , परिवेश – समाज , रीती-नीतियों तथा परम्पराओं के नाम पर जो अनेक तरह की समस्याए उपस्थित है उनका निराकारण नारी – समाज हर प्रकार की शिक्षा के धन से सम्पन्न होकर ही कर सकती है | इन्ही सब बुराइयों को दूर करने के लिए नारी शिक्षा अत्यन्त आवश्यक है | सुशिक्षा के द्वारा नारी जाति समाज में फैली कुरीतियों वे कुप्रथाओ को मिटाकर अपने ऊपर लगे लांछनो का सहज ही निराकरण कर सकती है |

February 8, 2017evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo CommentHindi Essay, Hindi essays

About evirtualguru_ajaygour

The main objective of this website is to provide quality study material to all students (from 1st to 12th class of any board) irrespective of their background as our motto is “Education for Everyone”. It is also a very good platform for teachers who want to share their valuable knowledge.

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *